अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने विजय सिंह पथिक की जयंती मनाई

एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी

विजय सिंह पथिक जयंती पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित

ग्रेटर नोएडा। महान स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी चिंतक और किसान आंदोलनों के अग्रदूत विजय सिंह पथिक की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पथिक जी के जीवन, उनके संघर्षों और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में बताया गया कि विजय सिंह पथिक का जन्म 27 फरवरी 1882 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में हुआ था। वे एक प्रखर लेखक, कवि, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अपने लेखों, समाचार पत्रों, पुस्तकों और कविताओं के माध्यम से देश में जनजागरण का कार्य किया। उनके नेतृत्व में चलाया गया किसान आंदोलन देश में किसानों के अधिकारों की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय बना, जिसकी प्रेरणा लेकर बाद में पूरे देश में किसान आंदोलनों का विस्तार हुआ।

वक्ताओं ने बताया कि महात्मा गांधी भी पथिक जी के कार्यों से अत्यंत प्रभावित थे। उन्होंने पथिक जी को अपने साथ वर्धा आश्रम ले जाकर वहां से समाचार पत्र निकालने का आग्रह किया, जिसके बाद लगभग एक वर्ष तक वहां से अखबार का प्रकाशन किया गया। उस समय उद्योगपति और समाजसेवी जमनालाल बजाज ने भी उनके आंदोलनों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

बाद में पथिक जी ने अजमेर को अपनी कर्मभूमि बनाया और वहीं से अपने आंदोलनों का संचालन किया। उन्होंने कई रियासतों के अन्यायपूर्ण करों के विरुद्ध संघर्ष किया और किसानों को राहत दिलाई। पथिक जी ने राजस्थान सेवा संघ की स्थापना की तथा राजपूताना क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही “राजपूताना” नाम के स्थान पर “राजस्थान” शब्द को पहचान दिलाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयंत चौधरी (केंद्रीय राज्य मंत्री – कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) रहे। अपने संबोधन में उन्होंने किसानों की एकता और विजय सिंह पथिक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को उनके संघर्षों और विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को शिक्षा और तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि वे स्वयं भी तकनीक के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले भी डंकौर क्षेत्र के लिए 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा चुके हैं और भविष्य में भी समाज और युवाओं के लिए जो संभव होगा, वह करते रहेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने की, जबकि महासभा के संरक्षक डॉ. यशवीर सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि का समाज की ओर से पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में महासभा के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साविंदर भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी. कसाना, जयप्रकाश विकल, महासचिव रामकेश चपराना, डॉ. जिले राम, राजपाल कसाना, कालू लाल गुर्जर, पंकज रौसा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुनील, गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष अशोक भाटी, राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष जनार्दन भाटी, नेशनल कोऑर्डिनेटर नामित भाटी सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए।

इस अवसर पर राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर, सांसद चंदन सिंह, पूर्व सांसद मलूक नागर तथा दादरी विधायक तेजपाल नागर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष रूप से बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जनपद से हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर विजय सिंह पथिक के सम्मान में गीत प्रस्तुत किए, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।

महासभा के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि भविष्य में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल सामाजिक चेतना रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक गुर्जर समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और समाजहित में विजय सिंह पथिक के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ किया गया।

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