छेड़-छाड़ और प्रताड़ना से परेशान नाबालिग छात्रा ने की आत्महत्या
एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी
में घुसकर किया परेशान, अगले दिन लड़की ने की आत्महत्या :
पिता के अनुसार 16 मार्च को जब बेटा घर पर अकेला था, तब आरोपी सलमान जबरन घर में घुस आया। इसके बाद आरोपी पीड़िता का हाथ पकड़कर उसे खींचने लगा। भाई के विरोध करने पर वह मौके से फरार हो गया। अगले दिन जब पिता आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचे तो घर पर कोई नहीं मिला। 17 मार्च की शाम जब पिता ड्यूटी से लौटे, तो उन्होंने अपनी बेटी को कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया।
गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच डीएसपी नरेंद्र खटाना को सौंपी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
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गांव में सन्नाटा, हर चेहरे पर दर्द व खामोशी
-दिल्ली में सिलाई कर बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देख रहा था पिता
पलवल। जिले के असावटी गांव में मंगलवार रात से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। गलियों में वही लोग हैं, वही घर हैं, लेकिन हर चेहरे पर एक अजीब-सा दर्द और खामोशी है। इस खामोशी के पीछे छिपी है 16 साल की श्वेता कुमारी की अधूरी कहानी, जो अब सिर्फ यादों में रह गई है।
वह बेटी, जो कभी स्कूल जाने के लिए हंसते हुए घर से निकलती थी, आज उसी घर के एक कमरे में हमेशा के लिए खामोश हो गई। पिता, जो दिल्ली में सिलाई कर अपने बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देख रहे थे, अब टूट चुके हैं। उनकी आंखों के सामने बार-बार वही मंजर घूम जाता है, जब उन्होंने अपनी बेटी को पंखे से लटका हुआ देखा था। उस एक पल ने जैसे उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी गोद, जो कभी बेटी की हंसी से गूंजती थी, अब सूनी हो चुकी है। दो भाइयों के बीच वह इकलौती बहन थी, घर की रौनक थी। अब वही भाई खामोश बैठे हैं, जैसे शब्द भी उनका साथ छोड़ चुके हों।
पिता नरेंद्र के मुताबिक, बीते कई महीनों से श्वेता अंदर ही अंदर टूट रही थी। मनचलों की छेड़छाड़ ने उसकी हंसी छीन ली थी, उसका आत्मविश्वास तोड़ दिया था। उसने स्कूल जाना छोड़ दिया, घर में सिमट गई, लेकिन डर उसका पीछा नहीं छोड़ रहा था। आखिरकार, वह दर्द इतना बढ़ गया कि उसने जिंदगी से ही हार मान ली। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन परिवार को अब सिर्फ न्याय का ही इंतजार है
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