50 हजार की रिश्वत लेते दो लोग रंगे हाथों गिरफ्तार

एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी

दीनदयाल योजना का लाभ दिलाने के लिए महिला से मांगे थे एक लाख रुपए

नूंह जिले में सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रही अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। विजिलेंस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक पीड़ित महिला की सूझबूझ और शिकायत के बाद संभव हो सकी।

पीड़ित महिला के खाते में 12 मार्च को दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत 5 लाख रुपये की राशि आई थी। आरोप है कि इस रकम की जानकारी मिलते ही आरोपी महिला के घर पहुंच गए और योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग करने लगे। दबाव में आकर महिला ने पहले 11 हजार रुपये दे दिए, लेकिन बार-बार बढ़ती मांग से परेशान होकर उसने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही विजिलेंस नूंह प्रभारी जाकिर हुसैन ने टीम के साथ योजना बनाकर जाल बिछाया। बड़कली चौक स्थित सलीम होटल के पास जैसे ही महिला ने आरोपियों को 50 हजार रुपये दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण पुत्र सुभाष निवासी बिसरू और गिर्राज पुत्र धर्मपाल निवासी वार्ड नंबर 14 सैनी मोहल्ला पुन्हाना के रूप में हुई है। तरुण का सीएससी संचालक होना भी सामने आया है।
लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप
गौरतलब है कि विजिलेंस टीम हाल के दिनों में लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले पेंशन विभाग के एक कर्मचारी और एसडीएम कार्यालय नूंह के एक क्लर्क को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है। इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

– प्रशासन पर सवाल, सख्ती की मांग
बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता जहां सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जूझ रही है, वहीं कुछ लोग इन योजनाओं को कमाई का जरिया बना रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ बिना भ्रष्टाचार के पहुंच सके।
बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता जहां सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जूझ रही है, वहीं कुछ लोग इन योजनाओं को कमाई का जरिया बना रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ बिना भ्रष्टाचार के पहुंच सके।

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