कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्र में चलाया मनरेगा बचाओ संग्राम जन जागरण अभियान

NCR Digital Channel: Ravinder Bhati

कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्र में चलाया मनरेगा बचाओ संग्राम जन जागरूक अभियान
हरियाणा के फरीदाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने आधा दर्जन गांवों में ग्रामीणों, मजदूरों व महिलाओं को किया जागरूक
फरीदाबाद। कांग्रेस द्वारा ग्रामीण स्तर पर चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने करीबन आधा दर्जन से अधिक गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर कर धीरे-धीरे खत्म करने के बारे में ग्रामीणों व मजदूरों को बताया।
आज पृथला विधानसभा क्षेत्र के गांव नरियाला, तिगांव, गांव पन्हैड़ा सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों व महिलाओं को कांग्रेस सरकार द्वारा मजबूत मनरेगा व भाजपा द्वारा कमजोर मनरेगा के अन्तर को समझाने के लिए एक पम्पलेट वितरित किया। श्री कौशिक ने बताया कि भाजपा आपके अधिकार को छीन रही है। मनरेगा के तहत देश भर के ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। देश की किसी भी ग्राम पंचायत में किसी भी परिवार द्वारा काम मांगने पर 15 दिनों के अन्दर काम उपलब्ध करवाना अनिवार्य था मगर अब भाजपा द्वारा प्रस्तुत किए गए मनरेगा कानून में जो बदलाव किए जाने के बाद यह अधिकार नहीं रहेगा बल्कि सरकार की मर्जी से बांटी जाने वाली एक रेवड़ी बन जाएगा। मोदी सरकार चुनेगी की कौन सी ग्राम पंचायत को काम मिलेगा और किस पंचायत को नहीं। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा का सारा खर्च केन्द्र सरकार करती थी, प्रदेश सरकारों पर 10 प्रतिशत का बोझ था, मगर अब प्रदेश सरकारों 40 प्रतिशत को बोझ बढ़ा दिया है। प्रदेशों के खजाने पहले ही खाली पड़े है कर्ज में सरकारें चल रही है।
श्री कौशिक ने सरकार से मनरेगा बचाओ संग्राम की चार मांगे रखते हुए कहा कि काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेयी की गारंटी, काम के संविधान की पूर्ण बहाली की जाए, मनरेगा संशोधन की तत्काल वापिसी हो। जिला कांग्रेस बलजीत कौशिक ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि आप संगठित रहें और अपनी मजबूती से अपने हक की लड़ाई-लड़े और कांग्रेस पार्टी आपके साथ सडक़ से लेकर संसद तक खड़ी है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने श्री कौशिक व उनकी टीम का माला व पगड़ी बांधकर स्वागत किया।
इस मौके पर पूर्व पार्षद अनिल शर्मा, ओमप्रकाश पांचाल, रूपचंद, नेतराम, तेजपाल, रामप्रवेश, पं. गोकुलचंद शर्मा, सुधा, माया रानी, सुरेखा, सुमन, कविता, बबीता, गायत्री देवी, बबली, अनिता, कमलेश, ममता व संतोषी आदि ग्रामीण महिलाएं शामिल रही।

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