फरीदाबाद जिले में सामने आया चौंकाने वाला मामला पत्नी की हत्या में काटी सजा पत्नी मिली जिंदा

Ravinder Bhati Ki Report

फरीदाबाद में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया
जहां पत्नी की हत्या के आरोप में पति ने करीब 6 साल जेल की सजा काट ली लेकिन बाद में पत्नी जिंदा मिल गई इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पति को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए 6 साल की सजा सुनाए क्योंकि आरोपी पहले ही 6 साल से अधिक समय जेल में बिता चुका था इसलिए एडिशनल सेशन जज ज्योति लंबा की कोर्ट ने सजा को अंदरगोन मानते हुए ₹13000 का जुर्माना लगाकर उसे रिहा करने के आदेश दिए

क्या है पूरामामला

नई दिल्ली निवासी मलखान ने सराय ख्वाजा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताएं कि उन्होंने अपनी बेटी सुधा की शादी 2005 में गांव जनौली किशनपुर हाथरस यूपी निवासी मुकेश उर्फ मनोज से की थी दंपति के 6 बच्चे हैं शादी के कुछ समय बाद दोनों फरीदाबाद आकर रहने लगे और तिहाडी मजदूरी करने लगे 13 दिसंबर 2019 को सुधा और मुकेश रोज की तरह काम पर निकले थे शाम को मुकेश अकेला घर लौट आया बच्चों के पूछने पर उसने बताया कि सुधा मायके गई है अगले दिन जब बच्चों ने मामा के यहां फोन किया तो पता चला कि सुधा वाहा नहीं पहुंची थी

चरित्र पर शक उशतरे से रेत दिया गला

इसके बाद पिता मलखान ने सराय ख्वाजा थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने जांच के दौरान सुधा के पति मुकेश को गिरफ्तार किया पूछताछ में मुकेश ने कबूल किया कि उसे सुधा के चरित्र पर शक था उसने 13 दिसंबर 2019 को काम के बहाने उसे साथ ले जाकर गुरुग्राम नहर के किनारे उशतरे से उसका गला रेत दिया और चुन्नी से गला घोट दिया सुधा को मरा समझ कर वह मौके से फरार हो गया मुकेश की निशान देही पर पुलिस ने उशतरहा और खून से सना गमछा बरामद किया लेकिन सुधा का शव नहीं मिला नहर में भी तलाश की गई मगर कोई सुराग नहीं लगा इसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में मुकेश को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया
6 माह बाद सामने आया चौंकाने वाला सच
25 दिसंबर 2025 को विक्रम चंद्र नामक व्यक्ति थाने पहुंचा और बताया कि उसे एक महिला गंभीर हालत में नहर किनारे मिली थी जिसे उसने बादशाह खान अस्पताल में भर्ती कराया था बाद में महिला को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महिला की पहचान सुधा के रूप में की इसके बाद मुकदमे से हत्या की धारा हटाकर हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई
फोरेंसिक सबूत बने निर्णायक
मामले में फॉरेंसिक सबूत अहम साबित हुए आरोपी से बरामद उशतरा और गमछे पर लगा खून सुधा के खून से मेल का खा गए अदालत ने मुकेश को दोषी ठहराते हुए 6 साल की सजा सुनाई मुकदमा दर्ज होने के बाद से मुकेश छह साल एक महीना और 5 दिन जेल में काट चुका था इसी आधार पर अदालत ने सजा को अनडरगोन मानते हुए ₹13000 का जुर्माना लगाकर उसकी रिहाई के आदेश दिए

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