मुख्यआरोपी की मौत के बाद उसके नौकर को आजीवन कारावास की सजा
NCR Digital Channel: Ravinder Bhati
वीजा और पीआर दिलवाने के नाम पर हुई 60 लाख रुपये की ठगी और उसके बाद की गई हत्या कर सबूत मिटाने के जुर्म में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दिया है।
शिकायतकर्ता मनजीत कौर ने पुलिस को बताया था कि 14 अक्तूबर 2018 को उनके पति जस्करन सिंह अपने परिचित हरनेक सिंह के घर गए थे लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जस्करन सिंह की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए। शव के हिस्से पंजाब की नहरों और खेतों से बरामद हुए। मुख्य आरोपी हरनेक सिंह की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी है, इसलिए कार्यवाही उसके नौकर जगदीश के खिलाफ पूरी की गई। हत्या के मामले में धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 के तहत तीन साल की कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 346 के तहत एक साल की कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना। अदालत ने दोषी पर जुर्माना लगाते हुए पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

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