चेक बाउंस मामले में 3 महीने की सजा बरकरार
अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया
एनसीआर डिजिटल चैनल Ravinder Bhati
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिए गए प्रदीप कुमार की अपील खारिज कर दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने सात मई को यह आदेश सुनाया। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सात मार्च 2025 को सुनाए गए दोष सिद्धि फैसले और 11 मार्च 2025 की सजा को सही ठहराते हुए बरकरार रखा।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रदीप कुमार ने मई 2018 में पारिवारिक जरूरतों के लिए 5.50 लाख रुपये का दोस्ताना कर्ज लिया था। आरोपी ने रकम लौटाने के लिए दो चेक दिए थे। शिकायतकर्ता ने 17 अगस्त 2020 का 5.50 लाख रुपये का चेक बैंक में लगाया, लेकिन 29 अगस्त 2020 को वह धनराशि अपर्याप्त टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया। इसके बाद 25 सितंबर 2020 को कानूनी नोटिस भेजा गया, मगर आरोपी ने भुगतान नहीं किया
इसके बाद शिकायतकर्ता ने वर्ष 2020 में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में परिवाद दायर किया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को तीन माह की साधारण कैद और छह लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। अपील में आरोपी ने कहा कि उसने केवल 85 हजार रुपये उधार लिए थे और खाली हस्ताक्षरित चेक का गलत इस्तेमाल किया गया। हालांकि अदालत ने कहा कि आरोपी अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने माना कि चेक कानूनी देनदारी के निर्वहन के लिए जारी किया गया था, इसलिए अपील खारिज कर दी गई।



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