फरीदाबाद से एक महिला समेत तीन पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार

एनसीआर डिजीटल चैनल रविंद्र भाटी

पाकिस्तान के लिए देश की जासूसी करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को पकड़ा है। इनमें मथुरा के सदर बाजार स्थित औरंगाबाद की रहने वाली मीरा ठाकुर और बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित हरचंदा गांव निवासी नौशाद अली शामिल है। तीसरा आरोपी नाबालिग है।
जासूसी में एक महिला समेत दो और गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत मे

मीरा शुरुआत से खुद को मुंबई पुलिस का मुखबिर बता रही थी। तीनों ने पूछताछ में दिल्ली व हरियाणा में रेकी करने और फोटो व लोकेशन पाकिस्तान में बैठे गिरोह के सरगना सरदार उर्फ सरफराज को भेजने की बात स्वीकार की है। मीरा के मोबाइल फोन से संवेदनशील इलाकों के कई वीडियो भी मिले हैं।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरन नैय्यर ने बताया कि 13 मार्च को देश की जासूसी करने वाले गिरोह के पकड़े जाने पर पूछताछ में मीरा ठाकुर और नौशाद अली का नाम सामने आया था। मीरा ठाकुर ने पूछताछ में एसआईटी को बताया कि वह सुहेल और नौशाद पहले से दोस्त थे।
नौशाद से उसकी जान-पहचान फेसबुक के जरिये हुई थी। इसके बाद वह भी ग्रुप में जुड़ गई। एडिशनल सीपी ने बताया कि मीरा को वर्ष 2025 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने असलहा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
नौशाद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये आरोपियों से जुड़ा था। वह पाकिस्तान से गिरोह को संचालित कर रहे सरदार से सीधे संपर्क में था। उसने दिल्ली व अन्य राज्यों में सुरक्षा बलों के ठिकानों व रेलवे स्टेशनों की रेकी की। उनके फोटो-वीडियो के साथ ही जीपीएस लोकेशन सरदार को भेजी थी।
पुलिस के अनुसार, नौशाद को सरदार ने अलग-अलग काम सौंप रखे थे। इनमें कम उम्र के लड़कों को जाल में फंसाना मुख्य था। लड़के ऐसे ढूंढे जाने थे, जो मोबाइल फोन व कंप्यूटर मैकेनिक और सीसीटीवी कैमरा ऑपरेटर हों।
सबसे जरूरी सभी लड़के आर्थिक रूप से कमजोर होने थे। ऐसे युवाओं को साथ लाना था, जिनका आपराधिक इतिहास न हो। हिंदू युवकों व महिलाओं को ग्रुप में जोड़ना था ताकि किसी को शक न हो। वहीं, नाबालिग आरोपी को रेकी के लिए दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन भेजा गया था। कैमरा लगाने के दौरान भी आरोपी साथ में

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