सड़क हादसे में जान गंवाने वाले के परिजनों को मिलेगा 15.38 लाख मुआवजा

एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी

एनसीआर फरीदाबाद : मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क हादसे में हुई एक युवक की मौत के मामले में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को 15.38 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला मुख्य रूप से चालक की लापरवाही, प्रत्यक्षदर्शी की गवाही और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर दिया गया। इसके अलावा, पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट में भी चालक को दोषी ठहराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हुआ कि मौत सड़क दुर्घटना में लगी चोटों के कारण हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में संदेह से परे नहीं बल्कि संभावनाओं के आधार पर फैसला लिया जाता है।

अदालत ने माना कि दस मई 2022 को सेक्टर-25 के पास हुए हादसे में टैंकर चालक की तेज और लापरवाही से ड्राइविंग के कारण मोटरसाइकिल सवार वीरू महतो की मौत हुई। इस निष्कर्ष तक पहुंचने में सबसे अहम भूमिका प्रत्यक्षदर्शी, मृतक के भाई की गवाही ने निभाई, जिसने बताया कि टैंकर ने पीछे से बिना हॉर्न दिए टक्कर मारी। मुआवजे की गणना करते समय अदालत ने मृतक की आय का कोई पुख्ता प्रमाण न होने पर न्यूनतम मजदूरी को आधार माना और उसकी उम्र के अनुसार गुणक लागू किया। साथ ही भविष्य की आय, आश्रितों की संख्या और अन्य मदों को जोड़कर कुल लगभग 15.38 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वाहन बीमित होने के कारण पूरी राशि बीमा कंपनी द्वारा अदा की जाएगी।

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