ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वाले फरीदाबाद के सिद्धार्थ सिंह को मिला वीर चक्र

एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी

फरीदाबाद। जिले के वीर सपूत और भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह को सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ”वीर चक्र” से सम्मानित किया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था । सिद्धांत सिंह उन जांबाज पायलट में शामिल थे जिन्होंने पाकिस्तान की सीमा के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मूल रूप से पलवल जिले के फिरोजपुर गांव के निवासी सिद्धांत सिंह वर्तमान में बल्लभगढ़ के सेक्टर-65 स्थित आर्यमन सोसाइटी में अपनी माता भुवनेश्वरी देवी और पिता धर्मवीर सिंह के साथ रहते हैं। उनके पिता धर्मवीर सिंह स्वयं भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं। बेटे की इस उपलब्धि से पूरा परिवार, क्षेत्र और प्रदेश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

सिद्धांत सिंह इन दिनों ग्वालियर में तैनात हैं। उनके पिता धर्मवीर सिंह ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के समय सिद्धांत छुट्टियों पर घर आए हुए थे। 23 अप्रैल को उन्हें अचानक एयरफोर्स मुख्यालय से ड्यूटी ज्वाइन करने का संदेश मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत वापसी की तैयारी शुरू कर दी। परिवार को आभास हो गया था कि कोई बड़ा सैन्य अभियान होने वाला है, लेकिन सुरक्षा कारणों से सिद्धांत अपने मिशन के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते थे।

ड्यूटी पर पहुंचने के बाद उन्होंने केवल इतना बताया कि वह सुरक्षित हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद लंबे समय तक परिवार की उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी। बाद में जब मिशन की सफलता की खबर सामने आई तो परिवार को बेटे की भूमिका का पता चला।

आज सिद्धांत सिंह की वीरता पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है। वीर चक्र से सम्मानित होकर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि हरियाणा और भारत का नाम भी गौरवान्वित किया है।

माता भुवनेश्वरी देवी नहीं बताया कि सिद्धांत सिंह को बचपन से ही तिरंगे से लगाव था। वह हमेशा कहता था कि वह भी पिता की तरह देश की सेवा करेगा। आज उनके बेटे को देश का बड़ा सम्मान मिला है। जो की उनके लिए गर्व की बात है।

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