मंत्री विपुल गोयल द्वारा बुढेना में 1.30 करोड की लागत से निर्मित तालाब का लोकार्पण
एनसीआर डिजिटल चैनल रविंद्र भाटी
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल द्वारा ग्राम बुढेना में ₹1.30 करोड़ की लागत से निर्मित तालाब का लोकार्पण
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल बोले तालाबों का संरक्षण हमारी संस्कृति, जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय
ग्राम बुढेना स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ₹1.30 करोड़ की लागत से निर्मित तालाब (पॉन्ड) के नवनिर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण आज अत्यंत उत्साह और जनभागीदारी के बीच सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में विशेष हर्ष, गर्व और विकास को लेकर सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण सौंदर्यीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। तालाब के पुनर्निर्माण से न केवल भू-जल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने, हरियाली बढ़ाने और क्षेत्र को एक स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने में भी सहायक होगा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि आज हमें अपने आसपास के जल स्रोतों, विशेषकर तालाबों को स्वच्छ और संरक्षित रखना केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि “एक बेहतर कल की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है, जब हम आज अपने पर्यावरण की रक्षा के प्रति सजग और समर्पित रहें।”
उन्होंने आगे कहा कि तालाब हमारी प्राचीन संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक रहे हैं। भारतीय परंपरा में जल स्रोतों का संरक्षण सदैव प्राथमिकता रहा है और आज के आधुनिक युग में भी यह उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने ग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे इस तालाब की स्वच्छता और संरक्षण को एक जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।
मंत्री श्री गोयल ने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2024, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मुहिम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने फरीदाबाद के बदलते स्वरूप पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब फरीदाबाद को केवल एक औद्योगिक शहर के रूप में देखा जाता था और यह धारणा बनी हुई थी कि यहां हरियाली संभव नहीं है। लेकिन आज जनसहयोग, सरकार की नीतियों और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप फरीदाबाद तेजी से एक स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में फरीदाबाद न केवल औद्योगिक विकास में, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल के क्षेत्र में भी एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस दौरान निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे पार्षद सचिन शर्मा, पार्षद ज्योति सिलानी मुकेश अग्रवाल, बिजेंद्र जी, सुभाष आहूजा , बाबू राम जी, कुलदीप साहू जी, मेमचंद चांदिला जी, सुभाष आहूजा जी, अरुण चांदिला जी, वीरेंद्र पंडित जी, सोनू शर्मा, परवीन चांदिला जी, तृप्ति माला जी, मनीष राघव जी, सुभाष चांदिला जी, प्रिंस चांदिला जी, बसीर खान जी, रोहित प्रधान जी, नजर मोहम्मद जी, रमेश जांगड़ा जी, बंसी लाल जी, विनोद प्रधान जी, रमेश अढाना जी, नीतू पांडेय जी, पूनम शर्मा जी।
इसके अतिरिक्त अन्य गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।



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