पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हिंदुओं के लिए वरदान :हिंदू महासभा
एनसीआर डिजिटल चैनल रविद भाटी
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हिंदुओं के लिए वरदान और घुसपैठियों – जेहादियों के लिए अभिशाप – हिन्दू महासभा
नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सत्ता परिवर्तन के परिणाम को लोकतंत्र की विजय और हिन्दू विरोधियों की पराजय से जोड़ा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 वर्षों के कुशासन के अंत को ममता बनर्जी की मुस्लिम परस्ती और हिन्दू विरोधी नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के हिन्दू मतदाताओं ने अपने भारी मतदान से हिन्दू विरोधी राजनीतिक शक्तियों को करारा सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हिंदुओं के लिए वरदान और जेहादियों – घुसपैठियों के लिए अभिशाप है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिन्दू महासभा ने पश्चिम बंगाल के हिन्दू मतदाताओं को तृणमूल कांग्रेस और ममता सरकार के विरोध और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने पर बधाई दी है । उन्होंने भाजपा की प्रचंड जीत पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व को भी शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों और नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल के हिंदुओं में आत्मविश्वास पैदा किया और भयभीत मतदाताओं को निर्भय होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया। भाजपा की इस प्रेरणा से मतदान प्रतिशत में भारी इजाफा हुआ और पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता में आने में सफल हुई।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वामपंथी सरकारें और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस सरकारें राज्य में हिंदुओं का दमन करती रही और घुसपैठियों – जेहादियों को राजनीतिक – आर्थिक संरक्षण देती रही। हिंदुओं का नरसंहार वामपंथी और तृणमूल की सरकार में चरम पर था। मतदाताओं को तृणमूल के दबंगों और उनकी धमकियों से निजात दिलाने में भारतीय निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के निर्णयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बी एन तिवारी ने शुभेंदु अधिकारी को उनके कुशल नेतृत्व और मुख्यमंत्री के रूप में पश्चिम बंगाल की हिन्दू विरोधी राजनीति का कायाकल्प करने के संकल्प के लिए उन्हें विशेष रूप से बधाई दी है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने असम में मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा के नेतृत्व में असम विधानसभा मे पुनः प्रचंड बहुमत हासिल करने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अब असम के हिंदुओं ने अपनी एकता और राजनीतिक जागरूकता का लगातार तीसरी बार परिचय दिया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि असम की तर्ज पर भाजपा शासन में पश्चिम बंगाल में भी धर्मांतरण, जेहाद और घुसपैठियों की समस्या से निजात मिल सकेगी। पश्चिम बंगाल के हिंदुओं को अब पलायन नहीं करना पड़ेगा और पूर्व में पलायन कर चुके हिंदुओं को सम्मान सहित अपने घरों में वापस लौटकर अपना खोया गौरव पाने का अवसर मिलेगा। बी एन तिवारी ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, असम और पांडिचेरी में भाजपा सरकार का बनना हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के लिए शुभ संकेत है। तमिलनाडु में टी वी के नामक नए राजनीतिक दल का सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरना वामपंथ और कांग्रेस के मुंह पर बड़ा तमाचा है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने चुनाव परिणाम में कांग्रेस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का थोड़ा बहुत सम्मान केरल में बच पाया है जबकि वामपंथी दल पूरी तरह से अपना अस्तित्व देश की राजनीति से गंवा चुकी है। कांग्रेस ने केरल में पूर्ण बहुमत हासिल कर अपनी सरकार बनाने में सफल रही है। वर्तमान में केरल सहित केवल चार राज्यों में ही कांग्रेस की सरकार है, जिसे कांग्रेस की राजनीतिक कद काठी के अनुरूप उचित नहीं कहा जा सकता।



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