3 जून को काला दिवस के रूप में किया याद; हिन्दू महासभा

एनसीआर डिजिटल चैनल रविन्द्र भाटी

हिन्दू महासभा ने 3 जून को काला दिवस के रूप में याद किया – बी एन तिवारी
नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा ने तीन जून को काला दिवस के रूप में याद किया। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिन्दू महासभा हर साल तीन जून को काला दिवस के रूप में मनाती हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में दी।
जारी बयान के अनुसार हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि तीन जून 1947 को भारत के अंतिम वायस राय लॉर्ड माउंटबेटन ने देश विभाजन की योजना को प्रस्तुत किया था। हिन्दू पक्ष से कांग्रेस के जवाहर लाल नेहरू और मुस्लिम पक्ष से मुस्लिम लीग के मोहम्मद अली जिन्ना ने देश विभाजन के लॉर्ड माउंटबेटन की योजना पर स्वीकृति प्रदान की। इसी योजना पर ब्रिटिश संसद ने अपनी अनुमति दी और 15 अगस्त 1947 को देश का विभाजन हो गया। विश्व के मानचित्र पर भारत के उदर से जन्मा पाकिस्तान नामक इस्लामिक राष्ट्र का उदय हुआ।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि 3 जून 1947 के लॉर्ड माउंटबेटन के देश विभाजन की योजना के कारण ही भारत खंडित हुआ और विभाजन की हिंसा में मुसलमानों द्वारा लाखों हिंदुओं की नृशंस हत्या की गई। मजहब के आधार पर विभाजन के बाद भी विभाजनकारी मुसलमानों को भारत में बनाए रखना भारत और हिंदुओं के लिए अभिशाप सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी कारण हिन्दू महासभा 3 जून को काला दिवस के रूप में मनाती है। बी एन तिवारी ने बताया कि हिन्दू महासभा भारत को पुनः अखंड बनाने और हिन्दू राष्ट्र निर्माण के लिए विभाजन के बाद से ही अभियान चला रही है।

 

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